पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने एयरस्पेस को 24 जून 2025 तक बंद रखने का निर्णय लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव और कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकवादी हमले के बाद उठाया गया है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि पाकिस्तान ने इन आरोपों का खंडन किया है।
इस प्रतिबंध के कारण भारतीय एयरलाइनों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे उड़ानों का समय और लागत दोनों बढ़ गए हैं। उदाहरण के लिए, दिल्ली से बाकू जाने वाली इंडिगो की उड़ान को पाकिस्तान के एयरस्पेस से बचने के लिए अतिरिक्त 38 मिनट का समय लग रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान का यह कदम उसकी राजनीतिक और सामरिक मंशाओं को दर्शाता है। हालांकि, यह भी संभावना है कि पाकिस्तान के इस निर्णय से उसे खुद को भी आर्थिक नुकसान हो सकता है, क्योंकि भारतीय विमानों की उड़ानों से उसे ओवरफ्लाइट शुल्क प्राप्त होता है।
इस स्थिति का असर यात्रियों पर भी पड़ रहा है, क्योंकि उड़ानों का समय बढ़ने से कनेक्शन मिस होने, सीटों की उपलब्धता में कमी और सामान की सीमा में बदलाव हो सकता है। एयरलाइनों ने यात्रियों से धैर्य रखने और उड़ान की स्थिति की नियमित जांच करने की अपील की है।
