एक चौंकाने वाले मामले में अदालत ने निमिषा को मौत की सज़ा सुनाई है। मामला पासपोर्ट के विवाद से जुड़ा है। आरोप के अनुसार, निमिषा का पासपोर्ट महदी के पास था। वह किसी भी तरह अपना पासपोर्ट वापस पाना चाहती थी, ताकि विदेश जाने की उसकी योजना पूरी हो सके।
पुलिस की जांच के मुताबिक, पासपोर्ट पाने के लिए निमिषा ने महदी को एक चाल से अपने घर बुलाया। वहां उसने महदी को बेहोशी का इंजेक्शन दे दिया। यह इंजेक्शन बेहद खतरनाक था और महदी के शरीर ने इसे सहन नहीं किया। इंजेक्शन लगने के कुछ समय बाद ही महदी की हालत बिगड़ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने सबूतों के आधार पर निमिषा को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि वह पहले से ही इंजेक्शन का इंतजाम करके रखी थी और योजना के तहत यह कदम उठाया गया था। अदालत ने गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस की चार्जशीट के आधार पर इसे सोची-समझी हत्या माना।
सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि यह अपराध गंभीर है, जिसमें किसी की जान लेने के लिए योजनाबद्ध तरीके से खतरनाक दवा का इस्तेमाल किया गया। इसलिए आरोपी को मौत की सज़ा दी जाती है।
