प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जहां वह गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बैठक और संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। हालांकि, इससे पहले ही ट्रंप एक बड़े फैसले की घोषणा कर सकते हैं, जो भारत समेत कई देशों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
दरअसल, ट्रंप एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, जिससे “पारस्परिक आयात शुल्क” (Reciprocal Tariff) लागू किया जाएगा। इस नीति के तहत अमेरिका उन देशों पर उतना ही टैरिफ लगाएगा, जितना वे अमेरिकी सामानों पर लगाते हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने जानकारी दी कि यह निर्णय प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले लिया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य देश अमेरिका के व्यापारिक हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी भारत द्वारा लगाए गए आयात शुल्क की आलोचना कर चुके हैं। हाल ही में अमेरिकी सीनेट में उनके मुख्य व्यापार वार्ताकार जेमिसन ग्रीर की पेशी के दौरान भारत का कई बार जिक्र हुआ। भारत सरकार भी द्विपक्षीय वार्ता को सफल बनाने के लिए अमेरिकी ड्राई फ्रूट्स पर शुल्क कम करने पर विचार कर रही है। 1 फरवरी को पेश हुए बजट में अमेरिका से आयातित कुछ उत्पादों पर शुल्क में कटौती की गई है।
इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन पर 10% टैरिफ लगाया है, जबकि मैक्सिको और कनाडा पर 25% शुल्क को फिलहाल 1 मार्च तक के लिए टाल दिया है।
गुरुवार को ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करेंगे। यह मुलाकात ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली द्विपक्षीय वार्ता होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने वाशिंगटन डीसी पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि वह ट्रंप से मुलाकात और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने को लेकर उत्साहित हैं। अपनी यात्रा के दौरान वे राष्ट्रपति के आधिकारिक अतिथि गृह ‘ब्लेयर हाउस’ में ठहरेंगे।
