भारत और रूस की दोस्ती बहुत पुरानी और मजबूत है। जब भी भारत मुश्किल दौर से गुजरा, रूस हमेशा उसके साथ चट्टान की तरह खड़ा रहा। चाहे हथियार हो, तकनीक हो या अंतरराष्ट्रीय मंच पर समर्थन— रूस ने भारत का साथ दिया है। खासकर रक्षा (डिफेंस) सेक्टर में दोनों देशों का सहयोग बहुत बड़ा है। भारत के पास कई महत्वपूर्ण हथियार, मिसाइल सिस्टम और लड़ाकू विमान रूसी तकनीक पर आधारित हैं।
अब 21वीं सदी में भी भारत–रूस की दोस्ती दुनिया के लिए एक मिसाल बनी हुई है। अगले महीने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत की एक बड़ी और ऐतिहासिक यात्रा पर आने वाले हैं। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होगी। मौजूदा वैश्विक हालात— जैसे युद्ध, ऊर्जा संकट और बदलती राजनीति— को देखते हुए यह बैठक बहुत खास और महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस मुलाकात में रक्षा, व्यापार, तेल–गैस सप्लाई और सुरक्षा से जुड़े बड़े फैसलों पर चर्चा हो सकती है। यह यात्रा भारत और रूस के रिश्ते को और मजबूत करने का संकेत है।
