पूर्वांचल रायल सिटी सेंटर सोसायटी में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन भावपूर्ण रहा

ग्रेटर नोएडा स्थित पूर्वांचल रायल सिटी सेंटर सोसायटी में पितृपक्ष के अवसर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। इस अवसर पर पूज्य माँ पीतांबरा पुत्र कथावाचक आचार्य नरेश जी ने अपने श्रीमुख से कथा का सुंदर वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत सभी धर्म ग्रंथों का सार है। इसका श्रवण करने से जीवन सरल हो जाता है और मृत्यु का भय दूर हो जाता है। आचार्य जी ने श्रोताओं से आग्रह किया कि समय-समय पर कथा का रसास्वादन अवश्य करना चाहिए। जब जीवन में भक्ति जागृत होती है, तो यह प्रभु की स्वीकृति का संकेत है। साथ ही, उन्होंने कहा कि हमें अपने बच्चों को भी धर्म और संस्कारों से जोड़ना चाहिए।

कथा के दौरान उन्होंने श्री शुकदेव और राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग का वर्णन किया। देवी उतरा की कथा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि वे विश्व की ऐसी माँ थीं, जिन्होंने अपने गर्भ में भक्त और भगवान दोनों को धारण किया। इसीलिए उनका नाम सदा अमर रहेगा।

कथावाचक ने यह भी समझाया कि दुख के समय लोग ईश्वर को याद करते हैं, लेकिन सुख मिलते ही प्रभु की स्मृति धुंधली हो जाती है। इसलिए हर स्थिति से पहले ही प्रभु भक्ति को जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी बार हम कथा सुनेंगे, उतना ही प्रेम भगवान के चरणों में बढ़ेगा।

अंत में “हरी की कथा सुनाने वाले” भजन प्रस्तुत हुआ, जिससे सभी भक्त भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर कथा संयोजक मृणाल, मनोज गुप्ता, प्रिंसपाल सिंह, राहुल शर्मा समेत हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *