प्रशांत किशोर, जो बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं, ने एक बड़ा सियासी दांव खेला है। उन्होंने बीपीएससी परीक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन को लेकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को साथ आने का ऑफर दिया है।
प्रशांत किशोर ने कहा है कि अगर तेजस्वी यादव और राहुल गांधी आंदोलन का नेतृत्व करने को तैयार हैं, तो वह खुद पीछे हट जाएंगे और उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने दावा किया है कि अब सभी आंदोलनकारी एकजुट हो गए हैं और ‘युवा सत्याग्रह समिति’ नाम से आंदोलन चलाएंगे। इसके लिए 51 सदस्यीय कमेटी बनाई जा रही है।
प्रशांत किशोर के इस आंदोलन के बीच बीपीएससी ने रद्द की गई परीक्षा के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कर दी। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया, जिससे यह साफ हो गया कि प्रशांत किशोर और अन्य नेताओं की मांग को ज्यादा समर्थन नहीं मिल रहा।
विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का नाम लेकर प्रशांत किशोर ने राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की है। साथ ही, वह आंदोलन से बाहर निकलने का रास्ता भी तलाश सकते हैं क्योंकि उन्हें छात्रों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा। अब यह देखना होगा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव इस ऑफर पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
