बलूचिस्तान ट्रेन हाईजैक के बाद पाकिस्तान का बड़ा कदम, NAP-2 के तहत सैन्य कार्रवाई की तैयारी

बलूचिस्तान में ट्रेन हाईजैक की घटना के बाद पाकिस्तान में हलचल मच गई है। इस घटना के लिए पाकिस्तान बलूच स्वतंत्रता सेनानियों (बलूच फ्रीडम फाइटर्स) को जिम्मेदार ठहरा रहा है और इसके जवाब में “नेशनल एक्शन प्लान (NAP) पार्ट-2” लागू करने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है कि इस योजना के तहत बलूचों और अफगानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी।

पाकिस्तानी पत्रकार कामरान यूसुफ के अनुसार, देश की सेना जल्द ही इस अभियान की घोषणा कर सकती है। उन्होंने बताया कि 2014 में पेशावर के सैनिक स्कूल पर हमले के बाद पहली बार “नेशनल एक्शन प्लान” लागू किया गया था, और अब बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा के चलते दूसरा चरण लाया जा सकता है।

पाकिस्तान का दावा है कि इस हमले के मास्टरमाइंड अफगानिस्तान में मौजूद थे और हमलावरों को अफगान हैंडलर्स से निर्देश मिल रहे थे। हालांकि, अफगानिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अफगान तालिबान का कहना है कि उनकी जमीन पर बलूच लिबरेशन आर्मी का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं है। लेकिन पाकिस्तानी मीडिया में आरोप लगाए जा रहे हैं कि इस तरह की घटनाओं के लिए बाहरी समर्थन की जरूरत होती है, और पाकिस्तान इसे भारत से जोड़कर देख रहा है।

पाकिस्तानी सेना और मीडिया का कहना है कि भारतीय मीडिया में इस हमले की रिपोर्टिंग कुछ इस अंदाज में हुई, जिससे ऐसा लग रहा था कि उन्हें पहले से इसकी जानकारी थी। इसके अलावा, पाकिस्तान की सेना ने कुलभूषण जाधव के बयान, मेजर गौरव आर्या के ट्वीट और अजीत डोभाल के पुराने वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि भारत बलूचिस्तान में सक्रिय है।

कामरान यूसुफ ने बताया कि पाकिस्तान की सेना बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की योजना बना रही है और इसके लिए सभी राजनीतिक दलों से समर्थन लेने की कोशिश की जाएगी। इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि उसने इस हमले की निंदा करने के बजाय अप्रत्यक्ष रूप से इसका समर्थन किया।

इस योजना के तहत पाकिस्तान में मौजूद बचे हुए सभी अफगान नागरिकों को देश से बाहर निकाला जा सकता है। इसके अलावा, पाकिस्तानी वायुसेना अफगानिस्तान के भीतर हवाई हमले भी कर सकती है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान, बलूचिस्तान में कड़ी कार्रवाई करते हुए सैन्य ऑपरेशन तेज कर सकता है, जिससे वहां आम नागरिकों पर भी असर पड़ सकता है।

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