बांग्लादेशी छात्र की आत्महत्या बनी पहेली, महिला का नहीं लग रहा सुराग, एडमिशन संबंधित नहीं मिल रहे दस्तावेज

बीटा—1 सेक्टर में बांग्लादेशी छात्र की आत्महत्या की वजह साफ नहीं हो पा रही है। पुलिस अभी अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। वहीं, बांग्लादेशी छात्र की पत्नी बताने वाली महिला भी रहस्यमय परिस्थितियों में गायब है। बीटा—2 कोतवाली पुलिस को उसके बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। पुलिस अभी यह भी पुष्टि करने में लगी है कि मृतक एनआईयू का छात्र है या नहीं। अभी उसके एडमिशन के बारे में तस्वीर साफ नहीं है।

रविवार देर शाम बीटा—1 सेक्टर में एनआईयू के छात्र का आत्महत्या करने का मामला सामने आया था। पुलिस ने मृतक की पहचान मोनू बीपाड़ा कालिया चौधरी सिरसागंज सिटी बांग्लादेश निवासी सहरियार के रुप में की थी। जांच में सामने आया है कि सहरियार 16 नवम्बर को एक महिला रूपा के साथ बीटा—1 पहुंचा था। महिला बिहार की निवासी है। साथ ही दोनों ने खुद को पति-पत्नी बताया था और 17 नवम्बर को उन्होंने कमरे में अपना सामान शिफ्ट किया और रहने लगे। पुलिस के मुताबिक, 21 नवम्बर को महिला कही चली गई। उसके बाद सहरियार का फोन भी बंद हो गया।

महिला बनी पहेली
बांग्लादेशी छात्र की पत्नी बताने वाली महिला रुपा के बारे में पुलिस को अभी कोई जानकारी नहीं मिला पा रही है। पुलिस उसका मोबाइल नंबर भी तलाश कर रही है। महिला के संदिग्ध परिस्थितियों में गायब होने के बाद कई सवाल उठ खड़े हुए है। आंशका यह भी जताई जा रही है कि साजिश के तहत तो बांग्लादेशी छात्र की हत्या नहीं की गई। बीटा—2 कोतवाली प्रभारी का कहना है ​कि महिला की तलाश की जा रही है। फांसी के फंदे में शव लटका हुआ मिला होने से पुलिस आत्महत्या के एंगल से जांच कर रही है।

छात्र का एडमिशन भी बना हुआ चर्चा का विषय
एसीपी ने बताया कि मृतक के कुछ जानकार पुलिस के पास आए है, लेकिन वह अभी यह पुष्टि नहीं कर पा रहे है कि एनआईयू में किस कोर्स का छात्र था। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी से भी उसके एडमिशन संबंधित दस्तावेज खंगलवाए जा रहे है। बीटा—2 कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया है कि छात्र के एनआईए में पढ़ने संबंधी दस्तावेज नहीं मिले है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।

संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त तो नहीं था मृतक
उसके छात्र संबंधित दस्तावेज और महिला के गायब होने से कई और आंशका बढ़ गई है। आंशका यह भी जताई जा रही है कि कही वह कुछ संदिग्ध गतिविधियों में तो लिप्त नहीं था। हालांकि, पुलिस अभी कई एंगल से भी जोड़कर मामले की जांच कर रही है। एटीएस ने कासना औद्योगिक क्षेत्र से दिल्ली निवासी फरहान नबी सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। जिसपर धार्मिक समुदायों के बीच नफरत फैलाने और विदेशों से धन जुटाने के लिए भड़काऊ सामग्री वाली किताबें प्रकाशित करने का आरोप है। सूत्रों की माने तो पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है। एटीएस की जांच में सामने आ चुका है कि कंपनी में बांग्लादेशी भी आते रहे है।

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