महाराष्ट्र में इस समय किसान बड़ी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, क्योंकि कई इलाकों में ठीक से बारिश नहीं हुई है। खेती का काम बारिश पर ही निर्भर रहता है, इसलिए पानी न मिलने से किसानों की फसलें सूखने लगी हैं। खासकर सोयाबीन, कपास, बाजरा और अरहर जैसी फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। किसानों को डर है कि अगर जल्दी बारिश नहीं हुई, तो उनकी मेहनत और पैसा दोनों बर्बाद हो जाएंगे। इससे उनकी आमदनी पर बड़ा असर पड़ेगा और कई किसानों को कर्ज लेने की नौबत भी आ सकती है।
इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों में फसलों का सर्वे कराने का आदेश दिया है। इस सर्वे में यह पता लगाया जाएगा कि किन क्षेत्रों में कितनी फसलें खराब हुई हैं और किसानों को कितना नुकसान हुआ है। सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद सरकार मुआवजा देने या दूसरी मदद के फैसले ले सकती है। किसान चाहते हैं कि सरकार जल्दी कदम उठाए, ताकि उनकी आर्थिक हालत और खराब न हो।
प्रदेश के कई गांवों में किसान रोज आसमान की तरफ देखकर बारिश का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर हल्की बारिश की संभावना बताई है, लेकिन अभी तक पर्याप्त पानी नहीं गिरा है। कुल मिलाकर, बारिश की कमी ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है और उनकी पूरी फसल पर संकट मंडरा रहा है।
