दिल्ली में लागू किए गए ‘No PUC, No Fuel’ नियम और BS-VI वाहनों को लेकर सख्ती का असर अब आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों पर भी साफ दिखने लगा है। इस नियम के तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं है, उन्हें पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते दिल्ली के बड़े और मशहूर बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है।
सदर बाजार, सरोजिनी नगर, लाजपत नगर और करोल बाग जैसे इलाकों में दुकानदारों का कहना है कि उनकी बिक्री में 30 से 40 फीसदी तक की गिरावट आई है। खासकर एनसीआर से आने वाले खरीदार अब कम पहुंच रहे हैं, क्योंकि कई लोगों के वाहन PUC नियमों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। इससे बाजारों में पहले जैसी भीड़ नहीं दिख रही है।
दुकानदारों का कहना है कि त्योहारों का मौसम होने के बावजूद कारोबार सुस्त बना हुआ है। छोटे दुकानदार सबसे ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि उनकी रोज की कमाई पर सीधा असर पड़ा है। व्यापारियों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण जरूरी है, लेकिन नियमों को लागू करते समय आम लोगों और व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। अगर स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।
बिना PUC तेल नहीं’ नियम से दिल्ली के बाजारों पर असर, दुकानदारों की बिक्री 35 फीसदी तक घटी
