बिमटेक कॉलेज के हॉस्टल में हुई गोलीबारी ने पूरे परिसर में हड़कंप मचा दिया। मंगलवार को दीपक कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी, वहीं बुधवार सुबह देवांश चौहान का इलाज के दौरान ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में निधन हो गया। देवांश का सिर में गोली फंसी थी और वह वेंटिलेटर पर था। इस घटना ने छात्रों, स्टाफ और अभिभावकों में चिंता और डर पैदा कर दिया।
पुलिस के अनुसार, यह घटना अभी भी एक पहेली बनी हुई है। जांच के लिए हॉस्टल को सील कर दिया गया और सभी छात्रों व स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। दोनों छात्रों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान जब्त कर लिए गए हैं। साथ ही लाइसेंसी रिवाल्वर को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि फिंगरप्रिंट और बैलिस्टिक परीक्षण से यह पता लगाया जा सके कि गोली किसने चलाई।
कोतवाली प्रभारी सर्वेश चंद्र ने बताया कि देवांश हाल ही में आगरा गया था, जहां से उसने अपने पिता, जो हाल ही में डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, की लाइसेंसी रिवाल्वर चोरी करके लाई थी। मंगलवार सुबह 9:14 बजे देवांश हॉस्टल में प्रवेश करता है। हादसा दीपक के कमरे में हुआ। दीपक प्रथम तल के कमरे 127 में और देवांश दूसरे तल के C-307 में रहते थे।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय दीपक कुर्सी पर बैठे थे और देवांश गेट के पास खून से लथपथ पाया गया। दोनों छात्रों को दाहिनी कनपटी पर गोली लगी थी। दीपक की गोली सिर के पार होकर दीवार में लगी, जबकि देवांश की गोली सिर में ही फंसी रही। दोनों छात्र घनिष्ठ मित्र थे और साथ पढ़ाई करते थे। इसलिए यह घटना और भी चौंकाने वाली बनी।
जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह हादसा आकस्मिक था या किसी विवाद का परिणाम। छात्रों के बीच किसी प्रकार का तनाव या झगड़ा हुआ या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंसी हथियार रखने के नियमों की समीक्षा भी जारी है।
परिजनों का कहना है कि उन्हें इस हादसे से गहरा सदमा पहुँचा है। दीपक के पिता ने कहा, “हमारा बेटा बहुत होशियार और मिलनसार था। ऐसा हादसा हम कभी नहीं सोच सकते थे। हमारी पूरी दुनिया ही उजड़ गई।” वहीं, देवांश के माता-पिता ने बताया, “हमारा बेटा अभी बहुत कुछ करने वाला था। उसकी मौत ने हमारे दिल को तोड़ दिया। उम्मीद है कि पुलिस सच्चाई सामने लाएगी।”
कॉलेज प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच की जा रही है। छात्रों को सुरक्षित रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।
छात्रों और उनके परिवारों में गहरा सदमा है। आसपास के क्षेत्रों में भी लोगों ने घटना की निंदा की और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। पुलिस की फोरेंसिक टीम और जांच अधिकारी लगातार पूरे मामले पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के परिणाम आने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
इस घटना ने न केवल हॉस्टल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि छात्रों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाला है। दोनों छात्रों की मौत ने परिसर में शोक की लहर फैला दी है और पूरे कॉलेज में सुरक्षा और अनुशासन पर ध्यान देने की चेतावनी भी दी है।
