बिहार में आरक्षण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर आरक्षण का दायरा बढ़ाने के मुद्दे पर ठोस कदम न उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि आरक्षण को 85% तक बढ़ाया जाए और इसे कानूनी सुरक्षा के लिए संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
इस पर बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी और अशोक चौधरी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने आरक्षण बढ़ाने का कानून बनाया और इसे विधानमंडल में पास भी कराया। उन्होंने तेजस्वी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जातीय गणना और आरक्षण बढ़ाने के फैसले तब हुए थे, जब तेजस्वी यादव सरकार में नहीं थे।
मंत्रियों ने बताया कि जातीय गणना के आधार पर आरक्षण बढ़ाने की पहल नीतीश कुमार की सरकार ने की। हालांकि, कुछ लोग इस फैसले को अदालत में चुनौती दे रहे हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा है और आरक्षण बढ़ाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही है।
