बिहार की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने कहा है कि जन सुराज पार्टी के तीन उम्मीदवारों को बीजेपी ने जबरन चुनावी मैदान में खड़ा कर दिया। उनका कहना है कि यह सही प्रक्रिया नहीं थी और इससे स्थानीय नेताओं और आम लोगों की इच्छाओं की अनदेखी हुई।
प्रशांत किशोर ने यह भी बताया कि उम्मीदवारों के चयन में पारदर्शिता और सही तरीके से निर्णय लेने की जरूरत थी। उन्होंने माना कि इस तरह की कार्रवाई से जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है और राजनीतिक माहौल में असंतोष फैल सकता है।
इस बयान के बाद बिहार की सियासत में हलचल बढ़ गई है और राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अब देखना यह है कि जन सुराज और बीजेपी इस मामले को कैसे संभालते हैं।
