बीएमसी (बृहन्मुंबई महानगरपालिका) चुनाव से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। इस समझौते से मुंबई की सियासत में नया समीकरण बनने की उम्मीद है।
समझौते के तहत शिवसेना (यूबीटी) 150 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, जबकि एमएनएस को 60 से 70 सीटें मिलने की संभावना है। दोनों दलों का लक्ष्य है कि वोटों का बंटवारा न हो और मिलकर चुनावी मुकाबला मजबूत बनाया जाए।
बताया जा रहा है कि यह सहमति कई दौर की बातचीत के बाद बनी है। दोनों नेताओं की कोशिश है कि मराठी वोट बैंक को एकजुट किया जाए और बीएमसी में प्रभावी भूमिका निभाई जाए। लंबे समय बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का इस तरह साथ आना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
इस संभावित गठबंधन से बीजेपी और अन्य दलों की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर यह तालमेल जमीन पर ठीक से लागू होता है, तो बीएमसी चुनाव काफी रोचक और कड़ा हो सकता है।
हालांकि, सीटों की अंतिम संख्या और उम्मीदवारों के नामों पर आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। आने वाले दिनों में दोनों दलों की ओर से संयुक्त रणनीति और चुनावी घोषणाएं सामने आ सकती
बीएमसी चुनाव से पहले उद्धव–राज ठाकरे में सीट बंटवारे पर सहमति, मिलकर लड़ेंगे चुनाव
