शारदा विश्वविद्यालय की बीडीएस छात्रा ज्योति शर्मा द्वारा आत्महत्या के मामले ने परिवार और लोगों में चिंता बढ़ा दी है। मृतका के पिता रमेश जांगड़ा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में बताया कि 18 जुलाई की रात ज्योति ने छात्रावास के कमरे में आत्महत्या कर ली थी।
इस मामले में पुलिस ने मृतका की तहरीर के आधार पर प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, डीन सहित छह नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। दो प्रोफेसरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जो बाद में जमानत पर बाहर आए। परिवार का आरोप है कि प्रोफेसरों की प्रताड़ना और दबाव के कारण ही ज्योति ने आत्महत्या का कदम उठाया।
पीड़ित परिवार की पैरवी कर रहे अधिवक्ता कपिल शर्मा ने बताया कि पिता ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच सीबीआइ से कराई जाए। इस मामले ने छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ज्योति प्रकरण ने शिक्षा संस्थानों में छात्रों पर होने वाले दबाव और उनकी सुरक्षा की जरूरत को फिर से उजागर किया है। परिवार चाहता है कि दोषियों को सजा मिले और भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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