ब्लैकरॉक से जुड़ी कंपनी में करीब 50 करोड़ डॉलर (लगभग 4,000 करोड़ रुपये) के बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। यह आरोप भारतीय मूल के सीईओ बंकिम ब्रह्मभट्ट पर लगा है, जो Broadband Telecom और Bridgevoice नाम की कंपनियों के मालिक हैं। खबरों के मुताबिक, ब्लैकरॉक की निजी क्रेडिट यूनिट HPS Investment Partners ने इन कंपनियों को बड़े कर्ज दिए थे, लेकिन बाद में पता चला कि जिन दस्तावेज़ों और इनवॉइस के आधार पर ये कर्ज मंजूर हुए थे, वे फर्जी थे। कहा जा रहा है कि इन नकली दस्तावेज़ों के जरिए ब्रह्मभट्ट ने निवेशकों से करोड़ों डॉलर हड़प लिए।
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रह्मभट्ट की कंपनियों ने कर्ज की रकम का इस्तेमाल कारोबार में करने के बजाय उसे भारत और मॉरिशस जैसे देशों में ऑफशोर खातों में ट्रांसफर कर दिया। इस पूरे घोटाले की जानकारी तब सामने आई जब HPS और BNP Paribas बैंक ने जांच शुरू की और पाया कि कंपनी के बताए गए ग्राहक और लेनदेन असली नहीं थे। जांच के बाद कंपनी के अमेरिकी दफ्तरों में ताले लटक गए और ब्रह्मभट्ट का संपर्क भी टूट गया।
यह मामला वित्तीय जगत के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इसमें ब्लैकरॉक जैसी प्रतिष्ठित संस्था का नाम जुड़ा है। अभी तक ब्रह्मभट्ट के खिलाफ कोई आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि वह भारत में हो सकते हैं। फिलहाल, HPS Investment Partners ने इस घोटाले की रकम वसूलने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
