भाई दूज का त्योहार इस बार पांच शुभ मुहूर्तों में मनाया जाएगा। यह दिन भाई-बहन के प्यार और स्नेह का प्रतीक होता है। इस दिन बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती है। बदले में भाई भी बहन को उपहार देता है और उसकी सुरक्षा का वचन देता है।
पंडितों के अनुसार इस बार भाई दूज का तिलक करने के लिए पांच शुभ मुहूर्त हैं, जो सुबह से लेकर दोपहर तक रहेंगे। इस दिन राहुकाल दोपहर 2 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, इसलिए इस समय में कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए। राहुकाल के समय तिलक या यात्रा करना अशुभ माना जाता है।
शुभ मुहूर्त में तिलक करने से भाई-बहन दोनों के जीवन में सौभाग्य और समृद्धि आती है। इस दिन यम द्वितीया का योग भी बन रहा है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन यमराज ने अपनी बहन यमुना के घर जाकर भोजन किया था, तभी से यह पर्व मनाने की परंपरा शुरू हुई।
भाई दूज के दिन घरों में विशेष पकवान बनाए जाते हैं और परिवार में हंसी-खुशी का माहौल रहता है। इस बार लोग अपने भाइयों-बहनों के साथ उत्साह से तिलक कर शुभकामनाएं देंगे।
