नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों देशों ने सीमा यानी एलएसी (Line of Actual Control) पर शांति बनाए रखने के लिए कई अहम फैसले किए।
विशेष प्रतिनिधियों के स्तर पर हुई इस बैठक में तय हुआ कि सीमा विवाद को हल करने के लिए विशेषज्ञ समूह और कार्य स्तर की कमेटियां बनाई जाएंगी। इन समूहों का काम होगा कि विवादित क्षेत्रों पर लगातार चर्चा चलती रहे और समाधान की दिशा में कदम बढ़ें।
दोनों पक्षों ने यह भी माना कि कुछ जगहों पर विवाद को जल्दी निपटाने के लिए “अर्ली हार्वेस्ट” (Early Harvest) मॉडल अपनाया जाएगा। यानी जहां सहमति बन सकती है, वहां तुरंत समाधान किया जाएगा ताकि आपसी भरोसा मजबूत हो।
बैठक में सीधी उड़ानों को फिर से शुरू करने, धार्मिक यात्राओं जैसे कैलाश-मानसरोवर यात्रा को आसान बनाने और सीमा से जुड़े जल संसाधनों पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
वार्ता के दौरान भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि फिलहाल सीमा पर शांति बनी हुई है और आगे भी रिश्तों को स्थिर बनाने की कोशिशें जारी रहेंगी।
कुल मिलाकर, यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और भविष्य में बेहतर संबंधों की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
