भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापारिक बातचीत फिलहाल ठहराव पर है। ट्रंप प्रशासन ने भारतीय उत्पादों पर 25 से 50 फीसदी तक ऊंचा शुल्क लगा दिया है और साफ संकेत दिए हैं कि जब तक भारत कृषि और डेयरी क्षेत्र में रियायत नहीं देता, डील आगे नहीं बढ़ेगी। भारत ने औद्योगिक सामान पर शून्य शुल्क और ऊर्जा व रक्षा खरीद बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, लेकिन घरेलू हितों के कारण कृषि-डेयरी में नरमी नहीं दिखाई। इसके चलते अमेरिकी पक्ष नाराज है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने अपनी पूरी रणनीति अभी सामने नहीं रखी है और कई अहम मुद्दों पर ‘पत्ते’ बंद रखे हैं। 25 अगस्त को दोनों देशों के बीच अगली उच्चस्तरीय वार्ता होगी, जो डील को आगे बढ़ाने का आखिरी मौका साबित हो सकती है। इस बीच, रूस से तेल आयात को लेकर भी अमेरिका ने अतिरिक्त पेनल्टी की चेतावनी दी है। अब देखना होगा कि भारत घरेलू हितों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच संतुलन कैसे बनाता है।
