नई दिल्ली/श्रीनगर: भारत और पाकिस्तान के बीच बीते कई दिनों से चल रहे तनाव और सीमा पार फायरिंग के बाद अब एक अहम फैसला सामने आया है। दोनों देशों ने आपसी बातचीत के बाद तत्काल प्रभाव से पूर्ण संघर्ष विराम पर सहमति जता दी है। यह फैसला नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर बढ़ते तनाव को देखते हुए लिया गया है।
भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने संयुक्त बयान में कहा कि वे सभी मौजूदा समझौतों और युद्धविराम संधियों का पालन करेंगे। इस फैसले से सीमा क्षेत्रों में रह रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने भारत-पाकिस्तान के इस निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि “सीमा पर बढ़ती हिंसा से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोग बुरी तरह प्रभावित हो रहे थे। ऐसे में शत्रुता को समाप्त करना बेहद ज़रूरी हो गया था।”
फारूक अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि दोनों देशों को इस संघर्ष विराम को स्थायी बनाने के लिए निरंतर संवाद और आपसी विश्वास बहाली के कदम उठाने चाहिए। उन्होंने शांति को ही क्षेत्र के विकास और लोगों की खुशहाली का रास्ता बताया।
यह संघर्ष विराम फैसला ऐसे समय में आया है जब सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार गोलाबारी और हवाई हमलों से कई नागरिकों की जान जा चुकी थी और लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था।
