सऊदी अरब ने इस संकट में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। सऊदी विदेश मंत्री अदेल अल-जुबैर ने हाल ही में भारत का दौरा किया, जहाँ उन्होंने भारतीय अधिकारियों से मुलाकात की और तनाव को कम करने के लिए बातचीत की। सऊदी अरब, जो दोनों देशों के साथ मजबूत आर्थिक और रणनीतिक संबंध रखता है, ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सक्रिय प्रयास किए हैं। इसके अलावा, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है।
🇺🇸 संयुक्त राज्य अमेरिका: संयम की अपील और मध्यस्थता का प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है, यह कहते हुए कि वह दोनों देशों को अच्छी तरह से जानते हैं और शांति चाहते हैं। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन की प्रतिक्रिया पहले की तुलना में कम सक्रिय रही है, संभवतः अन्य वैश्विक मुद्दों में व्यस्तता के कारण। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों देशों के नेताओं के साथ बातचीत की है और स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
🇨🇳 चीन: क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर
चीन ने भारत और पाकिस्तान दोनों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने की अपील की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। चीन ने यह भी कहा कि वह सभी ऐसे उपायों का स्वागत करता है जो वर्तमान स्थिति को शांत करने में मदद करें।
🇮🇷 ईरान: मध्यस्थता की पेशकश
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने नई दिल्ली में भारत के अधिकारियों से मुलाकात की और दोनों देशों से तनाव बढ़ाने से बचने की अपील की। ईरान ने पहले पाकिस्तान का दौरा भी किया था और दोनों देशों के साथ बातचीत के माध्यम से स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहा है।
🇺🇳 संयुक्त राष्ट्र: अधिकतम संयम की अपील
संयुक्त राष्ट्र ने दोनों देशों से “अधिकतम संयम” बरतने और कूटनीतिक माध्यमों से मुद्दों को सुलझाने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि वह स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं और सभी पक्षों से हिंसा से बचने का आग्रह किया है।
