भारत सरकार ने कंटेंट क्रिएटर्स की सहायता और क्रिएटर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
$1 बिलियन का फंड: सरकार ने निजी क्षेत्र के सहयोग से $1 बिलियन (लगभग ₹8,200 करोड़) का फंड स्थापित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य कंटेंट क्रिएटर्स को वित्तीय सहायता प्रदान करना, उनकी कौशल में सुधार करना और उन्हें वैश्विक बाजारों में विस्तार करने में सहायता करना है।
भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IICT): मुंबई के गोरेगांव फिल्म सिटी में भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना के लिए ₹391 करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह संस्थान कंटेंट क्रिएटर्स को डिजिटल प्रौद्योगिकी और रचनात्मकता में विशेषज्ञता हासिल करने के अवसर प्रदान करेगा, जिससे वे अपनी सामग्री की गुणवत्ता और प्रभाव को बढ़ा सकेंगे।
वेव्स 2025 शिखर सम्मेलन: 1 से 4 मई 2025 तक मुंबई में वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (वेव्स) 2025 का आयोजन किया जाएगा। इसमें वैश्विक मीडिया और मनोरंजन उद्योग के प्रमुख नेता, हितधारक और नवप्रवर्तक शामिल होंगे, जो क्षेत्र के भविष्य को आकार देने, चुनौतियों का समाधान करने और नए अवसरों का पता लगाने के लिए एक साथ आएंगे।
इन पहलों के माध्यम से, सरकार का उद्देश्य भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना, कंटेंट क्रिएटर्स को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाना और देश के मीडिया एवं मनोरंजन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
