नई दिल्ली।
भारत और चीन के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है। भारत चीन से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी और अन्य उत्पाद खरीद रहा है। इसके चलते भारत का चीन से आयात लगातार बढ़ रहा है और व्यापार घाटा भी बढ़ता जा रहा है।
इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर भारी टैरिफ लगा दिया है। ट्रंप ने जुलाई में भारतीय सामान पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया और चेतावनी दी कि अगर भारत रूसी तेल खरीदता रहा तो यह शुल्क 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
ट्रंप के फैसले से भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में खिंचाव बढ़ गया है। भारत ने इसे “अनुचित और अस्वीकार्य” बताया और कहा कि वह अपनी ऊर्जा और व्यापार नीति पर स्वतंत्र फैसला करता रहेगा।
दूसरी ओर, इस टैरिफ संकट ने भारत और चीन को करीब ला दिया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के साथ व्यापार और सहयोग बढ़ाने का संदेश दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम एशिया में उसकी रणनीतिक साझेदारी पर असर डाल सकता है।
