‘भीड़ ने पकड़ा और आग लगा दी…’ बांग्लादेश में हिंसा के शिकार हिंदू व्यापारी की पत्नी ने बयां किया दर्द

‘भीड़ ने पकड़ा और आग लगा दी…’ बांग्लादेश में हिंसा के शिकार हिंदू व्यापारी की पत्नी ने बयां किया दर्दबांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू समुदाय पर हिंसा की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हाल ही में हुई इस घटना में एक हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और बाद में उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। इस अमानवीय घटना के बाद मृतक की पत्नी ने मीडिया के सामने आकर जो बयान दिया है, उसने पूरे घटनाक्रम की भयावहता को उजागर कर दिया है। महिला का कहना है कि उनके पति को घर से बाहर खींचकर ले जाया गया और किसी ने उनकी मदद नहीं की।
पीड़िता के मुताबिक, घटना उस समय हुई जब इलाके में पहले से तनाव का माहौल था। अचानक बड़ी संख्या में लोग उनके घर के बाहर जमा हो गए। भीड़ ने खोकन चंद्र दास को बाहर बुलाया, उनके साथ मारपीट की और फिर खुलेआम आग लगा दी। पत्नी ने रोते हुए बताया कि वह अपने पति को बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन भीड़ इतनी उग्र थी कि किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। इस पूरी घटना के दौरान स्थानीय प्रशासन या पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। हिंदू परिवारों में डर बैठ गया है और कई लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि यह हमला धार्मिक पहचान के आधार पर किया गया और हमलावरों को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक या कट्टरपंथी समर्थन हासिल था। मानवाधिकार संगठनों ने भी इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है और इसे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में बड़ी चूक बताया है।
बांग्लादेश सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और जांच जारी है। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि सिर्फ आश्वासन से कुछ नहीं होगा, उन्हें न्याय और सुरक्षा चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।
यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और बांग्लादेश सरकार से धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *