गाजियाबाद। महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद ने कहा है कि जो स्थिति बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रही है, वह 25 साल बाद भारत में न हो, इसकी गारंटी प्रधानमंत्री, गृहमंत्री या मुख्य न्यायाधीश लिखित में दें। उन्होंने कहा, “अगर मुझे यह आश्वासन दिया जाता है, तो मैं गंगा में समाधि ले लूंगा।”
शुक्रवार को हरिद्वार में आयोजित एक महायज्ञ के दौरान उन्होंने राजनीति और न्यायपालिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी बातों को हेट स्पीच कहा जा रहा है, जबकि वे सत्य बोल रहे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा, “सत्य बोलने के लिए मुझे जेल में डालें, गोली मार दें, या हत्या कर दें, लेकिन मैं आखिरी सांस तक सच बोलता रहूंगा।”
महायज्ञ में यति नरसिंहानंद के साथ कई संत और शिष्य मौजूद थे। महायज्ञ का उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा और इस्लामिक जिहाद से मानवता को बचाने की रणनीति बनाना था। 19-21 दिसंबर को एक धर्म संसद का आयोजन भी होगा, जिसमें इस्लामिक जिहाद से निपटने पर चर्चा होगी।
महामंडलेश्वर ने कहा कि उनके बयानों को विवादित बताने वाले यह समझ लें कि ये इस्लाम के इतिहास और वैश्विक जनसंख्या के आंकड़ों पर आधारित हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर इन तथ्यों को नजरअंदाज किया गया, तो आने वाले वर्षों में भारत के हिंदुओं की स्थिति भी बांग्लादेश के हिंदुओं जैसी हो जाएगी।
इस आयोजन में कई प्रमुख संत और धार्मिक व्यक्तित्व शामिल हुए, जिनमें डॉ. उदिता त्यागी, श्रीमहंत महाकाल गिरी महाराज, और अन्य संत शामिल थे। यति नरसिंहानंद ने स्पष्ट किया कि उनकी बातों को दबाने की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
