मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी पहुंचकर संतों से मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना। सबसे पहले, उन्होंने गद्दीनशीन महंत प्रेमदास महाराज जी से भेंट की और आशीर्वाद लिया। इसके बाद, उन्होंने अन्य संतों से भी मिलकर उनकी स्थिति और जरूरतों के बारे में चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने संतों से मंदिर निर्माण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और संत समाज की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
संतों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और धार्मिक तथा सामाजिक विषयों पर चर्चा की। इस दौरान, मुख्यमंत्री ने संतों से उनके स्वास्थ्य और दिनचर्या के बारे में भी जानकारी ली और उनकी हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
हनुमानगढ़ी में मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को श्रद्धालुओं और संत समाज ने सकारात्मक रूप में देखा। यह दौरा न केवल धार्मिक जुड़ाव को मजबूत करने वाला था, बल्कि इससे सरकार और संत समाज के बीच समन्वय भी बढ़ा है।
