मुझे निकालना गलत था, मेरे चारों ओर दुश्मन हैं — तेज प्रताप यादव

“मुझे निकालना गलत था… मेरे चारों ओर दुश्मन हैं”

तेज प्रताप यादव ने कहा कि पार्टी और परिवार से निकाले जाने का दर्द उन्हें गहराई से छू गया। उन्होंने कहा, “यह गलत निर्णय था। जब मुझे निकाला गया, तो बहुत बुरा लगा।”

तेज प्रताप ने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा, “कृष्ण ने जयद्रथ को मरवाया, दुर्योधन का अंत हुआ, उसी तरह समय आने पर दुश्मनों को जवाब मिलेगा।”

“माता-पिता मेरे लिए भगवान हैं, हर निर्णय में सर्वोपरि”

तेज प्रताप ने अपने माता-पिता लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को भगवान बताते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, “बड़ा बेटा होने के नाते माता-पिता हमेशा हमारे दिल में रहते हैं। पहली आंख जब खुलती है तो माता ही नजर आती हैं। मां ही भगवान हैं।”

“पग-पग पर दुश्मन हैं… पर मैं चुप नहीं बैठूंगा”

तेज प्रताप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह किसी से डरते नहीं हैं। उन्होंने अपने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा, “जो लोग सोचते हैं कि मैं खामोश बैठूंगा, वे भूल में हैं। मैं लालू यादव का बेटा हूं, जवाब तेज़ गति से दूंगा।”

पायलट बनने की खबर पर बोले – “नीतीश चाचा ने एडमिशन कराया था”

तेज प्रताप यादव ने पहली बार अपनी पायलट ट्रेनिंग की पुष्टि की और बताया कि इसमें नीतीश कुमार का सहयोग रहा था। उन्होंने कहा कि सीट बदलने पर फिलहाल ध्यान नहीं है, अभी वे हसनपुर से विधायक हैं और जनता की सेवा में लगे रहेंगे।

“तेजस्वी से रिश्ता खराब करने में रुचि नहीं, मगर स्थिति कठिन है”

भाई तेजस्वी यादव से रिश्तों पर तेज प्रताप ने कहा, “हम रिश्ते खराब नहीं करते, मगर जो छल करता है उससे हमारा कोई मतलब नहीं। हम सिचुएशन को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।” भतीजे से मिलने की बात पर मुस्कुराते हुए बोले, “अभी मैं जनता से मिल रहा हूं, जनता दरबार लगाऊंगा।”

“मैं किंग मेकर बनना चाहता हूं, तेजस्वी बनें मुख्यमंत्री”

तेज प्रताप ने दो टूक कहा कि वह खुद मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन “किंग मेकर जरूर बनना चाहते हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि “लोग कहते हैं कि असली लालू यादव यही है – जमीन से जुड़ा, निर्भीक और स्वाभाविक।”

“होली वाले सिपाही की घटना मेरी गलती थी”

होली के दिन बॉडीगार्ड से जुड़ी घटना पर पहली बार बोलते हुए तेज प्रताप ने स्वीकार किया कि गलती उनकी थी, और उन्होंने उस सिपाही को आज भी याद किया। “अब भी उसका फोन आता है, मगर हम कहते हैं कि वह अपना काम करे।”

“मुझे अकेला छोड़ दिया गया, पर मैं मैदान नहीं छोड़ूंगा”

तेज प्रताप ने स्पष्ट कहा कि पार्टी ने उन्हें भले ही बाहर कर दिया हो, लेकिन वह जनता के बीच हैं और रहेंगे। “पार्टी बनानी है या नहीं, ये मुद्दा नहीं। पार्टी जनता है, संगठन जनता के बिना कुछ नहीं।”

“मनोरंजन भारती जैसे लोग ही हमें समझते हैं”

 पत्रकार मनोरंजन भारती के लिए उन्होंने कहा कि “वो बचपन से हमें जानते हैं, चाचा जैसे हैं। जो समझेगा, वही समझेगा। विवादों से बचना चाहता हूं, लेकिन विवाद वाले लोग खुद पास आ जाते हैं।”

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