जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देशों के तहत यमुना नदी में घटते जल स्तर को ध्यान में रखते हुए गौतमबुद्धनगर में व्यापक राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं। जिले के कुल 20 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें तहसील सदर के 12, दादरी के 6 और जेवर के 2 गांव शामिल हैं। इन गांवों की कुल जनसंख्या लगभग 3845 है, जिनमें से 3465 लोग विभिन्न बाढ़ शरणालयों में सुरक्षित हैं।
प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से नाश्ता, लंच और रात का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 107 व्यक्तियों और 106 पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रेस्क्यू किया गया है। जिले में 19 बाढ़ चौकियां और 16 शरणालय संचालित हैं, जहां पेयजल, स्वच्छता, भोजन और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की गई है।
राहत कार्यों के तहत तहसील दादरी में 242 और तहसील सदर में 470 राहत किट वितरित की गई हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा 9 रेस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है, जो शरणालयों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही हैं। पशुओं के लिए सेक्टर-135 ग्रीन बेल्ट पर एक विशेष शिविर बनाया गया है, जहां 1471 गौवंश को सुरक्षित रखा गया और उनका उपचार कराया जा रहा है।
राहत एवं बचाव कार्यों में एनडीआरएफ की 1 टीम, एसडीआरएफ की 2 टीमें और पीएसी 44 बटालियन की 1 टीम सहित कुल 4 बचाव दलों के साथ 16 नावें तैनात हैं। इनके सहयोग के लिए आपदा मित्र और होमगार्ड भी सक्रिय हैं। जिले में बाढ़ कंट्रोल रूम तीन शिफ्टों में संचालित है और मीडिया को सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
