दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना पार की 20 सीटें निर्णायक मानी जा रही हैं। यह क्षेत्र पूर्वांचली, मुस्लिम और कच्ची कॉलोनी के वोटर्स का गढ़ है। पिछले चुनाव में यहां AAP का दबदबा रहा था—2020 में 14 सीटें, BJP को 6 और कांग्रेस शून्य पर रही।
मुख्य मुद्दे कच्ची कॉलोनियों का विकास, पानी की समस्या, गाजीपुर लैंडफिल और बेरोजगारी हैं। AAP अपने गढ़ बचाने और बीजेपी हिंदुत्व व मोदी लहर के जरिए बढ़त की कोशिश में है। कांग्रेस नई रणनीति से वापसी की तैयारी कर रही है।
सीलमपुर, त्रिलोकपुरी, ओखला और पटपड़गंज जैसी सीटों पर कांटे की टक्कर है। 5 फरवरी को वोटिंग और 8 फरवरी को नतीजे आएंगे। यमुना पार का प्रदर्शन दिल्ली में सत्ता की दिशा तय करेगा।
