यूरोपीय संघ (ईयू) ने यूक्रेन को बड़ा आर्थिक सहारा देने का फैसला किया है। ईयू के नेताओं ने लगभग 90 अरब यूरो के कर्ज़-पैकेज पर सहमति जताई है। इस मदद का मकसद रूस के साथ चल रहे लंबे युद्ध के बीच यूक्रेन की कमजोर होती अर्थव्यवस्था को संभालना और देश को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है। युद्ध के कारण यूक्रेन में उद्योग, व्यापार, बिजली व्यवस्था और सरकारी खर्च पर भारी असर पड़ा है, ऐसे में यह आर्थिक सहायता बहुत अहम मानी जा रही है।
यह राशि यूक्रेन को कर्ज़ और आर्थिक सहायता के रूप में दी जाएगी, जिससे वहां सरकार कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम जारी रख सकेगी। इसके अलावा, इस पैसे से यूक्रेन को युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई और भविष्य की तैयारी में भी मदद मिलेगी।
हालांकि, इस फैसले को लेने में ईयू देशों के बीच कुछ मतभेद भी सामने आए। कुछ देशों ने इतनी बड़ी राशि देने पर सवाल उठाए, लेकिन अंत में अधिकतर देशों ने एकजुटता दिखाते हुए यूक्रेन के समर्थन में फैसला लिया। यूरोपीय संघ का कहना है कि यूक्रेन की मदद करना केवल एक देश की सहायता नहीं, बल्कि यूरोप की सुरक्षा और स्थिरता के लिए भी जरूरी है।
कुल मिलाकर, यह फैसला दिखाता है कि यूरोपीय संघ रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़ा है और उसे आर्थिक रूप से कमजोर नहीं पड़ने देना चाहता।
