बीटा-दो कोतवाली में यूपी रेरा (उत्तर प्रदेश भू-संपदा नियामक प्राधिकरण) के अवर अभियंता रमेश कुमार पांडेय ने गाजियाबाद की बिल्डर कंपनी एएसजीआई प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि कंपनी ने यूपी रेरा का फर्जी आदेश तैयार किया और दिखाया कि प्रोजेक्ट को समय विस्तार मिल गया है। इस फर्जी आदेश के आधार पर बिल्डर विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने की कोशिश कर रहा था।
गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा में स्थित सुषांत एक्वापोलिस प्रोजेक्ट में एएसजीआई का एप्पल टावर प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट में दो टावर (एस-2ए और एस-2बी) हैं, जिसमें 170 से अधिक यूनिट बननी थीं। प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हुआ और इसका यूपी रेरा में पंजीकरण भी समाप्त हो चुका था। बिल्डर ने समय विस्तार के लिए आवेदन किया था, लेकिन यूपी रेरा ने इसे मंजूरी नहीं दी।
बायर्स एसोसिएशन की शिकायत: प्रोजेक्ट के खरीदारों की एएसजी एप्पल बायर्स एसोसिएशन ने 4 अगस्त 2025 को यूपी रेरा को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी। जांच में पाया गया कि बिल्डर के आवेदन पर 24 फरवरी 2025 को समीक्षा बैठक हुई थी, लेकिन किसी भी तारीख में समय विस्तार का आदेश जारी नहीं किया गया। इसके बावजूद बिल्डर ने तीन मार्च 2025 का फर्जी आदेश बनाकर ऋण मांगना शुरू किया।
बीटा-दो कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
