मालेगांव ब्लास्ट केस में एक अहम गवाह ने दावा किया है कि जांच एजेंसियों ने उस पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेने का दबाव बनाया था। गवाह ने कहा कि उससे कई बार बयान बदलवाने की कोशिश की गई, ताकि कुछ बड़े नामों को फंसाया जा सके।
गवाह ने कोर्ट में बताया कि पूछताछ के दौरान उसे डराया-धमकाया गया और गलत बयान देने के लिए मजबूर किया गया। उसका कहना है कि उसे झूठे आरोप लगाने के लिए उकसाया गया था।
यह बयान केस में बड़ा मोड़ ला सकता है, क्योंकि इससे जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कोर्ट ने गवाह के इस दावे को रिकॉर्ड में ले लिया है और आगे की सुनवाई में इस पर विस्तार से चर्चा होगी।
