गाजियाबाद के साहिबाबाद में रहने वाला एक परिवार 31 साल पहले लापता हुए अपने बेटे राजू के मिलने से खुश था, लेकिन अब कहानी ने नया मोड़ ले लिया है। पता चला है कि राजू, जिसे परिवार ने अपना बेटा माना, इससे पहले जुलाई 2024 में देहरादून पहुंचा था।
देहरादून में राजू ने पुलिस को बताया था कि वह 16 साल पहले लापता हुआ था। यह खबर अखबार में छपने के बाद एक बुजुर्ग दंपत्ति पुलिस के पास आए और राजू को अपना बेटा बताया। राजू ने भी उन्हें अपनी मां-पिता के रूप में पहचाना और आठ महीने तक उनके साथ रहा।
अब राजू गाजियाबाद के एक और परिवार के पास पहुंचा और खुद को उनका 31 साल पहले खोया हुआ बेटा बताया। उसने पुलिस को राजस्थान में बंधक बनाकर बकरी चरवाने और प्रताड़ित करने की कहानी सुनाई।
देहरादून की सच्चाई सामने आने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने राजू को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। इस मामले ने दोनों परिवारों को असमंजस में डाल दिया है।
