नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में कई लोगों की जान जाने के बाद जब राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कुंभ मेले को लेकर विवादित बयान दिया था। उनके इस बयान पर एनडीए नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लालू यादव का नाम लिए बिना उन पर हमला बोला।
पीएम मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार भारत की गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए काम कर रही है, लेकिन “जंगलराज वाले” लोग हमारी संस्कृति और आस्था से नफरत करते हैं। उन्होंने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत की आस्था, एकता और समरसता का सबसे बड़ा आयोजन है, जहां करोड़ों श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं—जो पूरे यूरोप की जनसंख्या से भी ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जो राम मंदिर से चिढ़ते हैं, वे महाकुंभ को भी अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने भागलपुर में एक रैली के दौरान कहा कि इस पावन धरती पर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने भागलपुर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए बताया कि यह शहीद तिलकामांझी की भूमि है और प्राचीन काल में यह शिक्षा का केंद्र रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार के बाद अब विक्रमशिला में भी एक केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की योजना है, जिस पर केंद्र सरकार जल्द काम शुरू करेगी।
किसानों के हितों की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात काफी बढ़ा है, जिससे किसानों को उनकी फसलों के अच्छे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार का मखाना एक सुपर फूड है और इसे वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने इस बजट में मखाना किसानों के लिए एक विशेष मखाना बोर्ड बनाने का ऐलान किया है।
