09 सितंबर 2025: “समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047” के विजन को साकार करने के लिए आज एक भव्य संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने बहुमूल्य सुझाव प्रबुद्धजनों के समक्ष रखे।
कार्यक्रम में पर्यटन, सांस्कृतिक और धर्मार्थ विभाग के प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी, कृषि निदेशक और विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता सहित कई उच्चाधिकारी उपस्थित रहे। नोडल अधिकारी मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की शुरुआत परिवार से होती है, जो समाज और राज्य तक फैलती है। साथ ही उन्होंने आर्थिक प्रगति के साथ-साथ सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के संरक्षण की भी आवश्यकता बताई।
जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के सभी वर्ग—व्यापारी, उद्यमी, श्रमिक, कृषक, शिक्षक और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं—इस विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में प्राप्त सभी सुझाव मुख्यमंत्री तक पहुँचाए जाएंगे और विजन डॉक्यूमेंट 2047 में शामिल किए जाएंगे।
कार्यक्रम में एक कंपनी के मैनेजर ने उनके उत्पादों और विकसित भारत के लक्ष्यों में उनके योगदान की जानकारी दी। सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उपस्थित लोगों से संवाद स्थापित कर उनके सुझाव प्राप्त किए। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अतिथियों, प्रबुद्धजनों और सहभागी समूहों का धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह पहल विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
