नई दिल्ली। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि संविधान का ऐसा कोई हिस्सा नहीं है, जिस पर सवाल न उठाया जा सके। उनके अनुसार लोकतंत्र में विमर्श और आलोचना जरूरी है।
रेड्डी ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है और संविधान हमें जोड़कर रखता है। यह सत्ता को सीमित करता है, न कि उसे बढ़ाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष न रही तो लोकतंत्र खतरे में पड़ सकता है। चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची पर भी उन्होंने सवाल किए।
रेड्डी ने सांसदों से अपील की कि वे राजनीति से ऊपर उठकर संविधान की मर्यादा को ध्यान में रखकर वोट दें। उन्होंने कहा कि वह समर्थन लेने के लिए बीजेपी नेताओं से भी मिलने को तैयार हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में उनका मुकाबला एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन से होगा। चुनाव 9 सितंबर को है।
