संसद में संविधान पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए सरकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर आरक्षण की सीमा 50% से अधिक कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने मोदी सरकार पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया।
इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने बताया कि जवाहरलाल नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक आरक्षण के खिलाफ थे, जिससे एससी, एसटी और ओबीसी को नुकसान हुआ।
पीएम मोदी ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने देश की एकता को ध्यान में रखते हुए धर्म और आस्था के आधार पर आरक्षण न देने का फैसला किया था। लेकिन कांग्रेस ने सत्ता के लालच में संविधान की भावना को नजरअंदाज करते हुए धर्म आधारित आरक्षण की राजनीति की। बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य देश को मजबूत बनाना था, लेकिन वोट बैंक की राजनीति के चलते इसे तोड़ा-मरोड़ा गया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार कोर्ट में धर्म आधारित आरक्षण के प्रयासों को नाकाम होते देख, इसे नए तरीकों से लागू करने की कोशिश करती है। धर्म के आधार पर आरक्षण, भारत की एकता और अखंडता के खिलाफ है।
