थाना कासना क्षेत्र में तीन साल पुराना सामूहिक दुष्कर्म का मामला कोर्ट ने समाप्त कर दिया है। वर्ष 2021 में बागपत निवासी ओमबीर जाटव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी का भूपेंद्र उर्फ कुणाल और भगत उर्फ कालू ने अपहरण कर नशीला पदार्थ सूंघाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में भेजी थी। मामला पोक्सो कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु के यहां चला।
अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता, उसके पिता, डॉक्टर और विवेचक सहित कई गवाहों के बयान पेश किए गए। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामशरण नागर, देवदत्त सिंह और सीमा चौहान ने अदालत में तर्क रखे। दोनों पक्षों की बहस और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा।
अंततः माननीय न्यायाधीश ने भूपेंद्र उर्फ कुणाल और भगत उर्फ कालू को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहों और दस्तावेजों में पुख्ता प्रमाण नहीं मिले। इस फैसले के साथ दोनों आरोपियों को राहत मिली है।
