जैसे-जैसे 2024 अपने अंतिम चरण में है, भारतीय राजनीति में सालभर की घटनाओं का विश्लेषण जरूरी हो जाता है। इस साल कई नेताओं के विवादास्पद बयानों ने सियासत को गरमाया। आइए इन बयानों और उनसे जुड़े विवादों पर नज़र डालते हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महाराष्ट्र चुनाव प्रचार के दौरान अपने बयानों से सियासी हलचल मचा दी। उन्होंने भाजपा और आरएसएस को “जहरीला सांप” बताया और पीएम मोदी की तुलना “तैमूर लंग” से की। इसके अलावा, उन्होंने मोदी सरकार को “झूठों की सरकार” कहकर भी आलोचना की।
लालू प्रसाद यादव का तंज
राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महिला संवाद यात्रा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीतीश “आंखें सेंकने” जा रहे हैं। इस बयान पर जेडीयू और बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी, इसे “घृणित और शर्मनाक” करार दिया।
राहुल गांधी के अंतरराष्ट्रीय बयान
राहुल गांधी ने वाशिंगटन में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में पगड़ी पहनने और धार्मिक पहचान बनाए रखने की स्वतंत्रता खतरे में है। इसके अलावा, आरक्षण को लेकर उनके बयान पर भी काफी विवाद हुआ।
गिरिराज सिंह के तीखे बोल
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने छठ पूजा और शिमला मस्जिद विवाद को लेकर बयान दिए। उन्होंने “शिमला मॉडल” को देशभर में लागू करने की मांग की और कहा कि “अवैध मस्जिदों” को तोड़ना होगा।
इल्तिजा मुफ्ती का हिंदुत्व पर बयान
पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने ‘हिंदुत्व’ को “बीमारी” कहा। सोशल मीडिया पर उनके इस बयान को लेकर बड़ा विवाद हुआ।
सैम पित्रोदा की नस्लीय टिप्पणी
सैम पित्रोदा ने भारतीयों की शारीरिक विशेषताओं पर विवादित बयान दिया, जिससे कांग्रेस को आलोचना झेलनी पड़ी।
भाई जगताप का चुनाव आयोग पर हमला
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने चुनाव आयोग की तुलना “कुत्ते” से की। उन्होंने एजेंसियों पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
