14 जुलाई 2025, सोमवार
सावन का महीना हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना के लिए बहुत खास माना जाता है। इस बार 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार पड़ा, जिसे लेकर देशभर में भारी उत्साह देखने को मिला। हरिद्वार, काशी, उज्जैन, नासिक और वाराणसी जैसे शहरों के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई श्रद्धालु कांवड़ लेकर गंगा नदी से जल भरकर मीलों पैदल चलकर मंदिरों तक पहुंचे और भगवान शिव को जल अर्पित किया।
काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष रुद्राभिषेक और श्रृंगार पूजा की गई। वहीं, हरिद्वार में लाखों कांवड़िए हर की पौड़ी से जल लेकर निकले। मंदिरों में फूलों और बेलपत्रों की सजावट की गई थी। पुलिस और प्रशासन ने मंदिरों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी ताकि भीड़ में कोई अव्यवस्था न फैले।
हरियाणा के नूंह जिले में ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा के चलते प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। ऐसा फैसला इसलिए लिया गया ताकि किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ संदेश या सामाजिक शांति को नुकसान पहुंचाने वाली घटना न हो। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि यह कदम शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
कुल मिलाकर आज का दिन श्रद्धा, आस्था और भक्ति से भरा रहा। भक्तों ने भगवान शिव से अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। सावन के पहले सोमवार को लेकर मंदिरों का माहौल आध्यात्मिक और भक्ति से सराबोर दिखाई दिया। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पूरे दिन शिव नाम में लीन रहे।
