सुनील गावस्कर ने भारतीय टीम की हार पर गहरी नाराजगी जताई और टीम के कोचिंग स्टाफ से गंभीर सवाल किए। उन्होंने खासकर बैटिंग और बॉलिंग कोच की भूमिका पर सवाल उठाया। गावस्कर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 46 रन पर ऑलआउट होने का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की हार के बाद टीम की बल्लेबाजी में सुधार क्यों नहीं दिखा। उन्होंने यह भी कहा कि जब गेंदबाज अच्छा प्रदर्शन करता है, तो उसे स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन जब ऐसा नहीं हो रहा, तो कोचिंग स्टाफ को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए और सुधार के लिए क्या कदम उठाए, यह बताना चाहिए।
गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के पास तैयारी के लिए 2-3 महीने हैं, और इस दौरान कोचिंग स्टाफ को खिलाड़ियों की तकनीक पर काम करना चाहिए। उनका कहना था कि केवल थ्रोडाउन से कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि खिलाड़ी की तकनीक को मजबूत करना जरूरी है।
गावस्कर ने यह भी कहा कि जब खिलाड़ी रन नहीं बना रहे हैं, तो यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि कोचिंग स्टाफ ने उनकी तकनीक सुधारने के लिए क्या किया। उन्होंने टीम की बैटिंग तकनीक को लेकर सवाल उठाया और कहा कि कोचिंग स्टाफ को अपनी जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे प्रदर्शन से बचा जा सके।
Report by *jyoti patel*
