गुजरात के महिसागर जिले में एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें दूसरी कक्षा का छात्र स्कूल की लापरवाही का शिकार हो गया। स्कूल द्वारा दी गई एक डीआईवाई रोबोटिक किट की बैटरी फटने से बच्चे की एक आंख गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल बच्चे की आंख अस्थायी रूप से खराब हो गई है।
यह घटना शनिवार को वीरपुर तालुका के एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र वीरेंद्र के साथ हुई। स्कूल से मिली किट को वह घर लाकर उत्सुकता से इस्तेमाल कर रहा था, तभी बैटरी फट गई। इस हादसे में न केवल उसकी आंख, बल्कि पैर, पेट और शरीर के अन्य हिस्से भी झुलस गए।
वीरेंद्र के पिता इंद्रजीत ठाकुर ने बताया कि स्कूल की तरफ से यह किट दी गई थी, जिसमें रोबोटिक और साइंस के प्रयोग शामिल थे। बैटरी फटने के कारण उनका बेटा गंभीर चोटों का शिकार हो गया। परिवार ने बच्चे को अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी एक आंख के स्थायी रूप से खराब होने की आशंका जताई।
परिवार, जो वीरेंद्र को सेना में भेजने का सपना देख रहा था, इस घटना से गहरे सदमे में है। उन्होंने स्कूल और किट बनाने वाली कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। पिता का कहना है कि स्कूल ने बिना पर्याप्त सुरक्षा जांच के यह किट बच्चों में बांटी, जो इस हादसे का मुख्य कारण है।
