हरिद्वार में विश्व धर्म संसद का आयोजन, सनातन धर्म की रक्षा के लिए महायज्ञ

हरिद्वार के जूना अखाड़े में विश्व धर्म संसद का आयोजन 19 दिसंबर से 21 दिसंबर तक होगा। इससे पहले, महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी और जूना अखाड़े के संतों ने भैरव घाट पर मां बगलामुखी के महायज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ में बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत सहित पूरे विश्व में सनातन धर्म के शत्रुओं के विनाश की प्रार्थना की गई।

महायज्ञ में महामंडलेश्वर ने मंत्रों का उच्चारण करते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए मां बगलामुखी से प्रार्थना की जा रही है। उन्होंने निर्दोष हिंदुओं की हत्या करने वाले जिहादियों के विनाश की मांग की। यति नरसिंहानंद ने हिंदुओं के मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्षता और निष्क्रियता के कारण हिंदू समाज कमजोर हो गया है।

महायज्ञ में साधु-संतों के साथ विश्व धर्म संसद की संयोजक डॉ. उदिता त्यागी और जूना अखाड़े के अन्य महंतों ने भाग लिया। यह आयोजन गंगा किनारे किया जा रहा है, जिसमें हजारों हिंदुओं के शामिल होने की संभावना है।

महामंडलेश्वर का कहना है कि धर्म संसद का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म और हिंदू समाज की रक्षा करना है। अगर समय रहते धर्म की रक्षा नहीं की गई, तो भारत की स्थिति बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसी हो सकती है। धर्म संसद में विभिन्न साधु-संत और धर्मगुरु शामिल होंगे।

महायज्ञ 12 दिसंबर से शुरू होकर दस दिनों तक चलेगा, जिसमें मां बगलामुखी से हिंदू धर्म के शत्रुओं के समूल नाश की प्रार्थना की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *