मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। कोर्ट ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी को महू कैंटोनमेंट बोर्ड की तरफ से भेजे गए नोटिस पर अस्थायी रोक लगा दी है।
असल में, कैंटोनमेंट बोर्ड ने जवाद अहमद सिद्दीकी के पुश्तैनी घर में बने कुछ हिस्सों को अवैध निर्माण बताते हुए उन्हें हटाने का नोटिस दिया था। इस नोटिस के खिलाफ सिद्दीकी कोर्ट पहुंच गए।
उनका कहना था कि यह घर काफी पुराना है और कैंटोनमेंट बोर्ड द्वारा अवैध बताई गई संरचना कोई नई नहीं है। उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि कार्रवाई रोकी जाए।
कोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई करते हुए कैंटोनमेंट बोर्ड के नोटिस पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी है। अब आगे की सुनवाई में तय होगा कि निर्माण वाकई अवैध है या नहीं।
