होली पर घर जाने की प्लानिंग कर रहे लोगों के लिए इस बार सफर मुश्किल भरा हो सकता है। ट्रेन और बसों की सीटें लगभग फुल हो चुकी हैं, जबकि हवाई यात्रा के किराए में जबरदस्त उछाल आ गया है।
ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी
होली 14 मार्च को है, और ज्यादातर लोग 12-13 मार्च को सफर करना चाहते हैं। दिल्ली से बिहार, यूपी और राजस्थान जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है। राजधानी, संपूर्ण क्रांति, गरीब रथ और लखनऊ मेल जैसी प्रमुख ट्रेनों में सीटें फुल हैं, कुछ में तो वेटिंग 300 तक पहुंच चुकी है। जिन लोगों ने पहले टिकट बुक नहीं कराया, वे अब तत्काल टिकट पर निर्भर हैं, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कि टिकट कन्फर्म होगा।
बसों में भी जगह नहीं
दिल्ली के आनंद विहार, कश्मीरी गेट और कौशांबी बस अड्डों से चलने वाली ज्यादातर एसी और नॉन-एसी बसों की टिकटें बिक चुकी हैं। हालांकि, कुछ रूट पर अभी सीटें बची हो सकती हैं, लेकिन जल्द ही वे भी भरने की संभावना है। सरकार और बस ऑपरेटर फेस्टिवल सीजन में अतिरिक्त बसें चलाने का दावा करते हैं, लेकिन यह तय नहीं कि सभी को समय पर बस मिल पाएगी या नहीं।
हवाई सफर भी महंगा
होली के कारण फ्लाइट टिकटों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। सामान्य दिनों में दिल्ली से पटना का किराया 5000 रुपये के आसपास रहता है, लेकिन 12-13 मार्च को यह 9500 रुपये से ऊपर पहुंच गया है। दिल्ली से प्रयागराज के लिए टिकट 10 हजार रुपये से ज्यादा में मिल रही है। मुंबई से पटना और प्रयागराज जाने वाली फ्लाइट्स के किराए में भी दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।
क्या हैं विकल्प?
1. तत्काल टिकट – रेलवे के तत्काल कोटे में टिकट पाने की कोशिश कर सकते हैं, हालांकि इसमें कन्फर्म टिकट मिलने की कोई गारंटी नहीं होती।
2. अतिरिक्त बस सेवाएं – कुछ प्राइवेट ऑपरेटर्स और राज्य परिवहन निगम त्योहार के दौरान ज्यादा बसें चलाते हैं, जिससे सीट मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
3. शेयरिंग कैब और कारपूलिंग – ओला, ब्ला ब्ला कार जैसी सेवाओं से कारपूलिंग कर सकते हैं।
4. दूसरे रूट से ट्रेवल करें – यदि डायरेक्ट रूट पर टिकट नहीं मिल रही, तो छोटे स्टेशनों या दूसरे शहरों के जरिए सफर करने का विकल्प देख सकते हैं।
संक्षेप में, इस बार होली पर सफर की राह मुश्किल हो सकती है। बेहतर होगा कि समय रहते टिकट की व्यवस्था कर लें या फिर यात्रा के दूसरे विकल्पों पर विचार करें।
