हाल ही में, ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि वे यमन के 1,000 मील के भीतर आने वाले किसी भी अमेरिकी जहाज पर हमला करेंगे। यह चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हौथी ठिकानों पर हवाई हमले शुरू करने के बाद आई है। ट्रंप ने इन हमलों का आदेश लाल सागर में अमेरिकी जहाजों पर हौथी विद्रोहियों के हमलों के जवाब में दिया है।
अमेरिकी हवाई हमलों में यमन की राजधानी सना और उत्तरी प्रांत सादा में हौथी विद्रोहियों के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 24 लोग मारे गए हैं। ट्रंप ने कहा कि ये हमले अमेरिकी हितों की रक्षा और नौवहन स्वतंत्रता को बहाल करने के लिए किए गए हैं।
ट्रंप ने ईरान को भी चेतावनी दी है कि यदि उसने हौथी विद्रोहियों का समर्थन जारी रखा, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने जहाजों पर किसी भी हमले को बर्दाश्त नहीं करेगा और आक्रामकता जारी रहने पर ‘अत्यधिक घातक बल’ का प्रयोग करेगा।
वहीं, हौथी विद्रोहियों ने अमेरिकी हमलों का जवाब देने की कसम खाई है और कहा है कि वे अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करेंगे। इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और एक नए संघर्ष का खतरा मंडरा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और वार्ता के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस ने सभी सैन्य गतिविधियों में संयम और रोक की अपील की है।
