हॉन्ग कॉन्ग के उत्तरी ताई पो जिले में 26 नवंबर 2025 को एक भयंकर अग्निकांड ने चार मिनट के भीतर ही एक रहائशी कॉम्प्लेक्स को तबाह कर दिया। Wang Fuk Court नामक इस आवासीय परिसर में लगी आग — जिसमें लगभग 4,600 लोग रहते थे — अब तक कम-से-कम 65 लोगों की मौत और 70+ घायल होने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं।
कैसे फैल गई आग — बांस मचान और सस्ता नेट जिम्मेदार
इस हाई-राइज कॉम्प्लेक्स की चारों ओर बांस (बम्बू) की मचान और हरी निर्माण नेटिंग लगी हुई थी, क्योंकि इमारत में बड़ी मरम्मत चल रही थी।
शुरुआती जांच में पुलिस ने पाया कि ये नेट व मचान ज्वलनशील थीं — जिससे आग बहुत तेजी से ऊपर-नीचे और पास की इमारतों तक फैल गई।
मरम्मत में लगाए गए प्लास्टिक, स्टाइरोफोम बोर्ड्स व अन्य सस्ते निर्माण मटीरियल ने दृश्य को और खतरनाक बना दिया।
आग लगी शाम करीब 2:50 बजे — और मात्र 3–5 मिनटों में ही आग ने 30-32 मंजिला टॉवर को अपनी चपेट में ले लिया।
सुरक्षा उल्लंघन और जिम्मेदारी
पुलिस ने इस अग्निकांड को “लेवल-5 अलार्म” घोषित किया — हॉन्ग कॉन्ग का सबसे गंभीर आग अलार्म।
तीन लोगों — एक निर्माण कंपनी के दो निदेशक और एक इंजीनियरिंग कंसल्टेंट — को गिरफ्तारी की गई है; उन पर “गंभीर लापरवाही (gross negligence)” का आरोप है।
जांच में पाया गया कि जिन नेट और मटीरियल का इस्तेमाल हुआ था, वे फायर-सेफ्टी मानकों के खिलाफ थे — यानी घातक खामियाँ पहले से थीं।
मानवीय तबाही और असर
अग्निकांड में at least 75 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 279 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
कई बुज़ुर्ग और अशक्त निवासी थे, जिन्हें जल्दी पता ही नहीं चला कि आग लगी है, क्योंकि मरम्मत के कारण खिड़कियाँ बंद थीं।
900 से ज़्यादा लोगों को तुरंत अस्थायी आश्रय (shelter) में भेजा गया है।
अग्निकांड ने हॉन्ग कॉन्ग में निर्माण सुरक्षा, भवन मानकों और मरम्मत कामों की प्रैक्टिस पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।
अग्निकांड की शुरुआत बाहरी बांस की मचान में लगी — जिसके कारण आग ने बेहद तेज़ी से इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि निर्माण कंपनी द्वारा इस्तेमाल की गई सामग्री और सुरक्षा मानकों की अनदेखी — दोनों ने मिलकर इस त्रासदी को जन्म दिया।
इसलिए यह अग्निकांड केवल “दुर्घटना” नहीं, बल्कि “मानव–जनित त्रासदी
” मानी जा रही है — जिसे रोका जा सकता था।
