इस बार रबी फसल की बुवाई बड़े पैमाने पर की जाएगी। कृषि विभाग ने बताया कि इस सीजन में लगभग 53 सौ हेक्टेयर जमीन पर रबी फसल बोने का लक्ष्य तय किया गया है। किसानों को समय पर खाद और बीज मिल सके, इसके लिए जिले की सहकारी समितियों में सभी इंतजाम कर दिए गए हैं।
कृषि अधिकारी विवेक दुबे ने बताया कि धान की फसल कटने के बाद किसान अब रबी फसल की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों में सिंचाई और जुताई का काम शुरू हो चुका है। जिले में कुल 31 सहकारी समितियां हैं, जिनके माध्यम से किसानों को खाद, बीज और उर्वरक दिए जा रहे हैं।
फिलहाल, समितियों के पास 5227 टन यूरिया, 2839 टन डीएपी, 714 टन एनपीके, 237 टन एमओपी और 205 टन एमपी उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा, किसानों के लिए 24,087 मीट्रिक टन बीज का इंतजाम किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने कृषि विभाग की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को खाद और बीज समय से और आसानी से उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बुवाई में देरी न हो।
उन्होंने कहा कि जो किसान 226 रुपये जमा कर समितियों के सदस्य बनेंगे, उन्हें इन सुविधाओं का प्राथमिकता से लाभ मिलेगा। विभाग का लक्ष्य है कि इस बार जिले में रबी फसल का उत्पादन पिछले साल से बेहतर हो।
