मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी जारी की

मध्य प्रदेश में सक्रिय मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण लगभग सभी क्षेत्रों में तेज बारिश हो रही है। कई जिलों में रातभर भारी बारिश हुई। इसके चलते बरगी बांध के 11, तवा के 9, हलाली के 5 और भोपाल के सभी बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। मौसम विभाग ने बुधवार को 7 जिलों के लिए रेड अलर्ट और 21 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियों में अलग-अलग तीव्रता देखने को मिलेगी। सागर, दमोह, टीकमगढ़, निवाड़ी, शिवपुरी, ग्वालियर और दतिया जैसे इलाकों में बहुत भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना है। भोपाल, विदिशा और रायसेन में भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि सांची, भीमबेटका, छतरपुर, खजुराहो और गुना जैसे क्षेत्रों में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ जिलों जैसे रतलाम, सतना, चित्रकूट और रीवा में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि झाबुआ, बड़वानी, इंदौर और उज्जैन के इलाकों में भी हल्की बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विभाग ने बुधवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों के लिए अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, गुना और अशोकनगर में अगले 24 घंटे में भारी बारिश हो सकती है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में भी तेज बारिश की संभावना है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर, सिवनी, और बालाघाट सहित 21 जिलों में भारी बारिश हुई। बालाघाट और मंडला-सिवनी जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। सिवनी में 9 घंटे में 6.3 इंच और दमोह में 12 घंटे से अधिक बारिश हुई।

यह मूसलधार बारिश ओडिशा के पास बने डीप डिप्रेशन के कारण हो रही है, जो मंगलवार सुबह उत्तरी छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी इस बारिश को बढ़ा रहे हैं। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण बारिश की स्थिति गंभीर हो गई है। अगले 24 घंटे तक बारिश का यह सिस्टम सक्रिय रहेगा। 12 सितंबर के बाद कुछ कमी आने की संभावना है, लेकिन कई जिलों में भारी बारिश जारी रहेगी। 14 सितंबर तक भोपाल, सागर और ग्वालियर संभाग में इसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

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