पानी के खतरनाक स्तर और लीकेज की समस्याओं से जूझ रही महागुन मॉडर्न सोसाइटी

नोएडा के सेक्टर 78 स्थित महागुन मॉडर्न सोसाइटी के करीब 6,500 से अधिक निवासी रविवार को सोसाइटी की विभिन्न समस्याओं के खिलाफ सड़क पर उतरे और जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध में लगभग 400 से अधिक लोगों ने भाग लिया। उनका कहना है कि पिछले 6 वर्षों से सोसाइटी में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) के चुनाव नहीं हुए हैं। निवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोग सोसाइटी के कार्यालय पर कब्जा जमाए बैठे हैं और चुनाव करवाने में अड़चन डाल रहे हैं, जिससे मेंटेनेंस और अन्य सुविधाओं की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।

सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि हर महीने लाखों रुपये मेंटेनेंस के नाम पर वसूले जा रहे हैं, लेकिन समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। बालकनी से प्लास्टर गिरने की घटनाएं हो रही हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। लीकेज और सीवरेज की समस्या गंभीर हो चुकी है, और पानी का टीडीएस स्तर 2500 से 3000 तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। निवासियों का कहना है कि एक करोड़ से ज्यादा का मेंटेनेंस फंड जमा होता है, जिसका सही उपयोग नहीं हो रहा है।

निवासियों का आरोप है कि प्रशासन और बिल्डर उनकी समस्याओं का कोई हल नहीं निकाल रहे हैं। उन्होंने चुनाव कराने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट से स्टे के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा। इस कारण सोसाइटी में स्थितियां और बिगड़ रही हैं। निवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द AOA के चुनाव कराए जाएं ताकि उनकी आवाज सुनी जा सके और सोसाइटी की व्यवस्थाएं सुधारी जा सकें।

निवासियों ने पारुल तोमर, आकांक्षी श्रीवास्तव, मृदुल भाटिया, वाई पी गुप्ता और आर पी शर्मा पर गंभीर आरोप लगाते हुए नारेबाजी की कि धन का दुरुपयोग किया जा रहा है और उन्हें साफ पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। उन्होंने उच्च न्यायालय से अपील की कि 8 महीने से लंबित केस (WRIT-C 5686/2024) की जल्द सुनवाई हो, ताकि सोसायटी में रखरखाव और पानी की समस्याओं का समाधान हो सके। इससे पहले, 2020 में भी निवासियों ने एक केस दायर किया था, जिसमें उन्हें अंतरिम राहत मिली थी, लेकिन अभी तक उसका अंतिम फैसला नहीं आया है।

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